केन्दीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने सभी राज्यों के मंत्री को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में कहा है की लॉकडाउन के वजह से औधोगिक गतिविधियों, यातायात इत्यादि में कमी का प्रभाव प्रदूषण पर पड़ा है.
वाहन न चलने से और इंडस्ट्री बंद होने की वजह से, हवा प्रदूषण काफी कम हो गया है, अब हवा-पानी अधिक साफ है. ध्वनि प्रदूषण भी कम हुआ है, इसे ही बेंच मार्क मानते हुए हमें आगे बढ़ना चाहिए और इसे बनाये रखने का प्रयास करना चाहिये. प्रकाश जावेड़कर ने आगे अपने पत्र में यह भी लिखा हैं कि अब हम अपने सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश कर रहे है, तो इसी तरह इस स्तर को संभाले रखना हमारे लिए एक चुनौती से कम नहीं है.
पर्यावरण को साफ रखना हमारी जिम्मेदारी ही नही हमारा कर्तव्य है. हम जहां रहते है, हमारा घर, उसे हम साफ रखते है, तो पर्यावरण को क्यों नही? जिस हवा में हम सांस लेते है उसे साफ और स्वच्छ रखना है, और कोरोना से लड़ना है. हमारी जंग अभी खत्म नही हुई है.
प्रकाश जावेड़कर ने अपनी चिट्ठी में यह भी लिखा है कि नदियों में औधोगिक कचरा, उत्सर्जन आदि पर नियंत्रण लगाया जाए. लोगों को जागरूक होने की ज़रूरत है. यह जनता के हाथ में है कि वह अपने पर्यावरण को हानि न पहुचाये. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से सहयोग की अपील की है और साथ ही यह कहा कि सभी मंत्री अपने विभागों में निर्देश जारी करें.
लॉकडाउन के वजह से गाड़ियों की आवाजाही कम हो गयी है, जिससे प्रदूषण काफी हद तक कम हो गया है. कारखानों के बंद होने के वजह से नदियां भी अधिक साफ हो गयी है.
- अनुकृति प्रिया


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