'टिक-टॉक' जोकि आजकल की युवा पीढ़ी का सबसे पंसदीदा
सोशल मीडिया प्लेटफार्म है और जिसके बारे में शायद ही कोई नहीं जानता होगा। लेकिन
क्यों आजकल #BanTikTokInIndia सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है? क्यों सोशल मीडिया पर कई यूजर्स टिक-टॉक को
भारत में बैन करने की मांग कर रहे है। आइए जानते है विस्तार से:-
आपको बता दें कि टिक-टॉक एक ऐसा एप्प है जिसके
ज़रिये कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच मिला है। अहसान चन्ना, शर्ली सेठिया, मिथिला पालकर, सुरभि सीकरी आदि
कई कलाकार ऐसे है जिन्होंने यहां अपनी कला का प्रदर्शन करके टिक-टॉक की दुनिया मे
काफ़ी नाम कमाया है। इनमें से हमारे सामने कुछ ऐसे कलाकार भी है जिनको टिक-टॉक की बदौलत
फिल्मों में भी काम करने का मौका मिला। लेकिन इन दिनों हम देख रहे है कि टिक-टॉक
काफी चर्चा में है और लोगों का मानना है कि यह समाज के युवाओं पर गलत
असर डाल रहा है। यही कारण है कि लोग टिक-टॉक को बैन करने की मांग कर रहे है। इतना
ही नहीं गूगल प्ले स्टोर के मुताबिक, टिक
टॉक एप्प को अब तक करीब 24 मिलियन यूजर्स रेटिंग दे चुके हैं, इनमें
से काफी यूजर्स ने इस एप्प को सिर्फ एक रेटिंग दी है, जिसके चलते इस
एप्प की रेटिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है और जहां टिक-टॉक की रेटिंग 4.7
हुआ करती थी आज वह 2.0 पर आ गई है।
वहीं ट्विटर पर एक ट्वीट वायरल होते नज़र आ रहा
है जिसमें
भारत से टिक टॉक को बैन करने की बात कही जा रही है। दरअसल #BanTikTokInIndia
यह ट्वीट फैज़ल सिद्द्की जोकि एक टिक-टॉक कलाकार है, के
एक वीडियो के बाद वायरल हो गया। जिनका सोमवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसके
बाद उन पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उनकी वह वीडियो एसिड अटैक जैसे गंभीर
अपराधों को बढ़ावा दे रही है इसलिए इसे हमारे देश भारत से बैन कर देना
चाहिए।
एक तरफ जहां हमारा देश कोरोना से लड़ने के लिए
लॉकडाउन में है और लोग अपना दिन घरों पर रहकर व्यतीत कर रहे हैं। वहीं
कुछ लोग ऐसे भी है जिनके लिए टिक-टॉक एंटरटेनमेंट का एक ज़रिया बन गया है। और अगर
हम यह कहें कि लोग टिक-टॉक के माध्यम से अपना दिन काटने की कोशिश करते है तो ये
बिल्कुल भी अतिश्योक्ति नही होगा। लॉकडाउन में आजकल तो हमारे बॉलीवुड सितारे भी टिक टॉक पर
अपना मनोरंजन करते दिखाई पड़ते है। हालांकि कुछ समय पहले भी टिक-टॉक पर कार्ऱवाई
हुई थी क्योंकि लोगों का कहना था कि टिक टॉक पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देता है। जिस
कारण इसको लेकर पहले भी काफी विवाद हो चुके है। लेकिन क्या तालाब की कुछ मछलियों
के खराब होने पर तालाब को बंद कर दिया जाता है वैसे ही कुछ वीडियो के चलते हम उन
कलाकारों की प्रतिभा को बाहर आने से नहीं रोक सकते जो घर बैठे ही पूरी दुनिया के
सामने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। तो ऐसे में नीतियों में बदलाव लाकर भी
इस समस्या का हल निकाला जा सकता है लेकिन अब देखना यह है कि भारत सरकार टिक टॉक को
पूरी तरीके से बैन कर देगी या एप्प को लेकर कुछ निश्चित नियमों की गाइडलाइन जारी
करेगी।
जानकारी के लिए बता दें कि टिक-टॉक की स्वामित्व
कंपनी 'बाइट डांस' है जिसने 2016 सितंबर में
चीन में 'टिक-टॉक' लॉन्च किया था।
वहीं साल 2018 में टिक-टॉक की
लोकप्रियता बहुत तेज़ी से बढ़ी और अक्टूबर 2018 में ये अमरीका
में सबसे ज़्यादा लोगों द्वारा डाउनलोड किया जाने वाला एप्प बन गया। आपको बता दें कि
गूगल प्ले स्टोर पर टिक-टॉक का परिचय 'Short videos for you' के आधार पर दिया गया
है।
-अनुकृति प्रिया


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