अमित शाह के कैंसर होने वाले ट्वीट क्या सच क्या है? नासिरुद्दीन की पड़ताल.




देश कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है. इसी बीच ट्वीटर पर अमित शाह, गृह मंत्री के स्वास्थ्य से संबंधित एक ट्वीट वाइरल हुई है, जिसमें अमित शाह के नाम का ट्वीट हर जगह फैल रहा है. इसमें लिखा है -
मेरे देश की जनता, मेरे द्वारा उठाया गया हर एक कदम देश हित में ही रहा है, मेरा किसी जाती या धर्म विशेष के व्यक्ति से कोई दुश्मनी नहीं है, कुछ दिनों से बिगड़े स्वास्थ के चलते देश की जनता की सेवा नहीं कर पा रहा हूं, यह बताते हुए दुख हो रहा है मुझे गले के पिछले हिस्से में बोन कैंसर हुआ है, में आशा करता हूं, रमज़ान के इस मुबारक महीने में मुस्लिम समाज के लोग भी मेरे स्वास्थ के लिए दुआ करेंगे और जल्द ही स्वस्थ हो कर आपकी सेवा करूंगा."
हालांकि यह ट्वीट फर्जी साबित हुआ है. अमित शाह ने स्वयं इस बात की पुष्टि की है कि - "मैं पूर्ण रूप से स्वस्थ हूं. मुझे कोई बीमारी नहीं हुई है. अमित शाह जी ने ट्विटर पर लोगों के लिए एक संदेश भी ट्वीट किया. अपने ट्वीट में उन्होंने यह भी लिखा कि - हिन्दू मान्यताओं के अनुसार ऐसा मानना है कि इस तरह की खबर स्वास्थ्य को और मज़बूत करती है. जिन लोगों ने यह अफ़वाह फैलाई है उनके प्रति मेरे मन में कोई दुर्भावना या द्वेष नहीं है, और धन्यवाद करते हुए उन्होंने ट्वीट समाप्त की. अमित शाह के नाम अफ़वाह फैलाने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
इस खबर को, की वह फर्जी है या नहीं, पता करने के लिए देना होगा कुछ खास बातों का ध्यान. 


1- वाक्यों की गड़बड़ बनावट. 93 शब्दों के पूरे संदेश में एक पूर्ण विराम. 
2- व्याकरण की अनेक गड़बड़ियां.
3- शब्दों के गलत हिज्जे. जैसे- जाती, स्वास्थ्य, में... और जल्द...
4- वाक्यों में लिंग की गड़बड़ियां.
5- ट्वीट में सीमा से ज्यादा कैरेक्टर. एक ट्विट में ज़्यादा से ज़्यादा 280 कैरेक्टर ही इस्तेमाल हो सकता है. अमित शाह के इस फेक ट्वीट में 429 कैरेक्टर हैं. यानी 149 कैरेक्टर ज़्यादा है.
6- उनकी टाइम लाइन पर अनेक ट्वीट हैं. मगर ऐसा कुछ भी नहीं.
7- सबसे बढ़कर, अगर देश के गृह मंत्री की तबीयत खराब होगी तो क्या खबर सिर्फ व्हाट्सएप, ट्विटर या फेसबुक पर मिलेगी? किसी बड़े और भरोसेमंद वीडियो में इससे जुड़ी कोई खबर नहीं होगी? ध्यान होगा, सितम्बर में जब उनकी मामूली सर्जरी हुई थी तो सब जगह खबर थी.
8- यह सिवाए अफ़वाह के और कुछ नहीं है. 


इस लेख का पूरा क्रेडिट नासिरुद्दीन हैदर खान (ढाई आखर) को जाता है.

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