संबित पात्रा का राहुल गांधी पर देश को तोड़ने का आरोप कितना सही है?

- आमिर



परसों देर रात मीडिया के सबसे सम्मान पुलित्ज़र अवार्ड से तीन कश्मीरी फोटो पत्रकारों को सम्मानित किया गया है. डार यासीन, चन्नी आनंद और मुख्तार खान को कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद की तस्वीरों के लिए ये सम्मान दिया गया है. 
                                                               (डार यासीन द्वारा ली गयी तस्वीर)
                                                   
                                                             (मुख्तार खान द्वारा ली गयी तस्वीर)

                                                                   (चन्नी आनंद द्वारा ली गयी तस्वीर)

राहुल गांधी ने इन तीनों पत्रकारों को पुलित्ज़र अवार्ड मिलने पर बधाई दी. लेकिन यहां से सियासत शुरू होती है. भाजपा की ओर से ये आरोप लगाया गया कि ये तीनों पत्रकार और पुलित्ज़र अवार्ड भी भारत विरोधी है. संबित पात्रा ने वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जवाब देना चाहिए कि वो देश की अखंडता के साथ हैं या नहीं. 


  इस वीडियो में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा तीनों पत्रकारों को 'तथाकथित' भारतीय पत्रकार कहते हुए नज़र आ रहे हैं. सवाल तो ये है कि ये 'तथाकथित' कैसे हो गए? पत्रकार सरकारों के लिए 'तथाकथित' और एंटीनेशन तब बनते हैं जब वो सवाल करने लगते हैं. कुछ दिन पहले एक 'कथित' पत्रकार के ऊपर 'कथित' हमला हुआ था. तब यही संबित पात्रा रात में 1.05 बजे ट्वीट करके इसका खंडन करते हैं. शायद संबित जी रात में भी रिपब्लिक टीवी खोलकर ही सोते होंगे. 
पत्रकारों को 'तथाकथित' भारतीय होने के बाद संबित पात्रा ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अपना स्टैंड बताने को कहा. उससे पहले उन्होंने पुलित्ज़र अवार्ड पर कुछ आरोप लगाए. संबित पात्रा के अनुसार पुलित्ज़र अवार्ड कश्मीर को भारत का अखंड हिस्सा नहीं मानता है. इसकी छानबीन करने के लिए हम लोगों ने पुलित्ज़र अवार्ड की ओफ़िशिअल वेबसाइट पर चेक किया लेकिन कहीं भी ऐसा कुछ प्रमाण नहीं मिला. संबित जी ने जिस सेक्शन के बारे में बताया था वहां भी ऐसा कुछ लिखा हुआ नहीं मिला. आप इस लिंक पर क्लिक करके खुद चेक कर सकते हैं. कल रात में रिपब्लिक टीवी ने लगातार राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए 1 घंटे डिबेट की और ये बात साबित कर दी कि राहुल गांधी ही एंटी-नेशनल हैं. 
आज सुबह से ट्विटर पर #राहुल_गद्दार_है और  #पप्पू_गद्दार_है ट्रेंड कर रहा है. 
लेकिन किसी को भी बधाई देना गद्दारी नहीं होती है. गद्दारी होती है पत्रकारों पर UAPA एक्ट लगाना, गद्दारी होती है सफूरा ज़रगर की प्रेगनेंसी पर घटिया कमेंट्स करना और गद्दारी होती है कपिल मिश्रा के घटिया बयान देने के बाद भी उसका खंडन नहीं करना. 

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